CHHATTISGARHI

   छत्‍तीसगढ़ी

Back to Main Page

 

Back to Home Page

CHATTISGARH

    छत्‍तीसगढ़

Back to Main Page

 

Back to Home Page

स्व. पं. सुन्दरलाल शर्मा के जन्म दिन को छत्तीसगढ़ी दिवस के रूप में मनाया जावे

आगामी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ी दिवस आयोजन की क्रियान्वयन समिति की बैठक विप्र सहकारी मुद्रणालय के सभा कक्ष में दिनांक 13 मार्च 2005 को श्री रामकुमार तिवारी, एडव्होकेट, बेमेतरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में श्री जागेश्वर प्रसाद (रायपुर) ने अपने पत्र के माध्यम से प्रस्तावित किया कि स्व. पं. सुन्दरलाल शर्मा के जन्म दिन को छत्तीसगढ़ी दिवस के रूप में मनाया जावे । इस पर बैठक में उपस्थित व्यक्तियों में एक राय नहीं बनी । बैठक में यह तथ्य उभरकर आया कि विधानसभा छत्तीसगढ़ के मनुष्यों की प्रतिनिधि सभा है । इस प्रतिनिधि सभा ने छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा मान्य करने के निवेदन के प्रस्ताव 30 मार्च को प्रस्तावित करसर्वसम्मति से पारित किया था । छत्तीसगढ़ की बहुलताधर्मी प्रदेश के लिये विधान सभा के निर्णय को स्वीकार करना है । वैधानिक, वैज्ञानिक समझ के अनुरूप होगा। इसलिये 30 मार्च को ही छत्तीसगढ़ी दिवस मनाया जावे। क्रियान्वयन समिति ने यह भी निर्णय लिया कि किसी एक शहर में लोगों को इकट्ठा कर पाना, व्यावहारिक नहीं होगा इसलिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जगहों पर अलग-अलग सभा आयोजित कर छत्तीसगढ़ी दिवस का आयोजन किया जावे, एवं-


1. छत्तीसगढ़ प्रदेश में क्रियारत् साहित्यिक, सामाजिक, राजनैतिक संगठनों। साहित्यिक संस्थाओं से राजनैतिक, सामाजिक और अन्य मतभेदों त्याग कर छत्तीसगढ़ की अस्मिता का प्रतीक छत्तीसगढ़ी भाषा को जन-जन के जीजवन व्यवहार की भाषा बनाने के इस जागरुकता अभियान में सहयोग करने का निवेदन किया जावे ।
उनसे यह भी निवेदन किया जावे कि अपने संगठन के बैनर तले 30 मार्च को छत्तीसगढ़ी दिवस का आयोजन करें ।
उनसे यह भी निवेदन किया जावे कि छत्तीसगढ़ी दिवस का आयोजन किसी भी रूप में किसी जाति, धर्म या राजनैतिक विचारधारा से संबंति नहीं है । यह मूलत: उनका आयोजन है जो अपनी अस्मिता, अपनी पहचान और अपनी रीति-नीति छत्तीसगढ़ की माटी से जोड़कर देखते हैं।


2. 30 मार्च को छत्तीसगढ़ी दिवस के आयोजन में क्षेत्र के विचारकों, सामाजिक कार्र्यकत्ताओं, राजनैतिक व्यक्तियों को आमंत्रित किया जावे । जन सामान्य की भागीदारी आवश्यक रूप से प्राप्त की जावे।


3. 30 मार्च छत्तीसगढ़-दिवस के आयोजन ठीक रिपोर्ट प्रकाशित करने में मीडिया की सहायता जी जावे। रिपोर्ट की एक प्रति छत्तीसगढ़-लोकाक्षर को भी भेजी जावे ताकि उसे संयुक्त रिपोर्ट बनाकर प्रकाशित किया जा सके।


4. इस तरह आयोजित छत्तीसगढ़-दिवस के प्रत्येक आयोजकों की ओर से महामहिम राज्पाल, राजभवन, रायपुर तथा माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर को ज्ञापन भी सौंपा जावे। ज्ञापन में स्कूली शिक्षामहाविद्यालयीन शिक्षा में छत्तीसगढ़ी को अनिवार्य अध्ययन का विषय बनाने, छत्तीसगढ़ लेखन को प्रोत्साहित करने तथा छत्तीसगढ़ी भाषा को राष्ट्र की अधिकारिक भाषा का दर्जा प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का निवेदन किया जावे ।

 

 

Copyright ©2007 JaiChhattisgarh.com