प्राकृतिक चाय की विधि –
1.. सौंफ 200 ग्राम (आँव, पेचिस में लाभकारी)
2.. बड़ी इलायची 100 ग्राम (पाचक, मस्तिष्क, शक्तिवर्ध्दक)
3.. ब्राह्मी-बूटी 50 ग्राम (स्मरण शक्तिवर्ध्दक)
4.. लालचन्दन पाउडर 50 ग्राम (जमा हुआ कफ निकलता है)
5.. मुलहठी 50 ग्राम (धातुपुष्टि तथा कफ शुध्दि)
6.. बनफ शा 50 ग्राम (जमा हुआ कफ निकलता है)
7.. सौंठ 50 ग्राम ( रक्त संचालक, क्षुधावर्धक, वायुदोह्य नाशक)
8.. कालीमिर्च 50 ग्राम (कफ पतला होकर निकलता है, गले के रोगों के लिए लाभकारी)
9.. तुलसीपत्र 100 ग्राम (कृमिनाशक, ज्वर, नजला, त्रिदोह्य निवारक)
10.. गुलाब के फूल 50 ग्राम (मल निष्कासन में मदद)
11.. शंखपुष्पी 50 ग्राम (स्मरण शक्तिदाता, रक्तशोधक)
उपर्युक्त वनस्पतियों का चूर्णचायपत्ती के स्थान पर डालकर पानी, दूध, शक्कर इच्छानुसार मिलाकर चाय की तरह बनाकर उसे भी स्वादिष्ट / स्वाद के साथ इस्तेमाल करें । फलों के जूस बनाने की विधि तो हम सब जानते ही हैं, कुछ नए प्रयोग भी आजमाने चाहिए ।
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