जघा-जघा छत्तीसगढ़ी भासा दिवस मनाय गिस

रायपुर 31 मार्च, सृजन-सम्मान, वैभव प्रकाशन एवं छत्तीसगढ़ी लोकाक्षर के संयुक्त तत्वाधान में छत्तीसगढ़ी दिवस के अवसर पर सम्मान, प्रमाण पत्र वितरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन वैभव प्रकाशन, पुरानी बस्ती रायपुर में किया गया। मुख्य अतिथि श्री बद्रीधर दीवान, उपाध्यक्ष छ.ग. विधानसभा थे. श्री वी.जे.आर. नायडू की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रेमचंद नाम पुस्तक का विमोचन किया गया ।

इसका संपादन नंदकिशोर तिवारी एवं डॉ. सुधीर शर्मा ने किया है। इस अवसर पर सर्वश्री संतोष कुमार चौबे, डॉ. देवधर मंदत, परमानंद वर्मा, सुशील भोले, निषीध पांडे, डॉ. मृणालिका ओझा का सम्मान मुख्य अतिथि द्वारा शाल, श्रीफल प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया। सत्यम सुन्दम साहित्य सेवा द्वारा आमंत्रित तेलगु भाषा छत्तीसगढ़ी रचनाकारों सर्वश्री जी.एस. रामपल्लीवार, रा.ना. रूद्रजवार के श्री निवास वाणी सुभाषिनी को प्रमाण पत्र वितरित किया गया ।

मुख्य अतिथि श्री बद्रीधर दीवान ने अपने उद्बोधन में कहा छत्तीसगढ़ी राज्य की बोली में मिठास के साथ अन्य प्रांतों की बोलियों के साथ सामंजस्य उसे विशिष्ट बनाती है. यह बात समझ से परे है कि राज्य निर्माण के पश्चात भी छत्तीसगढ़ी को भाषा का दर्जा नहीं मिल पाया, संभवत: इसका कारण बहुतों को यह डर है कि छत्तीसगढ़ी बोली के विकास से उनका महत्व कम हो जायेगा. छत्तीसगढ़ी से लोगों का प्रेम आवश्यक है ताकि उसका प्रचार-प्रसार को सके. उन्होंने यह आश्वासन दिया कि सदन में छत्तीसगढ़ी बोली का प्रयोग कर लोगों को प्रेरित करेंगे कि छत्तीसगढ़ी बोली को समृध्द और जन जन की बोली के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दें.

डॉ. प्रभुलाल मिश्र ने कहा जब तक हम किसी भाषा का प्रचार-प्रसार नहीं करेंगे, वह पुष्ट नहीं होगी, छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पश्चात उसकी पहचान छत्तीसगढ़ी भाषा होनी चाहिये क्योंकि बिना भाषा के राज्य की पहचान संभव नहीं है. भारतीय संविधान के निर्माताओं ने भी इस बात को ध्यान में रखते हुए हिन्दी को उच्च स्थान दिलाने का प्रयास किया. ललित मिश्रा ने कहा कि जहाँ तक सवाल छत्तीसगढ़ी को भाषा का दर्जा दिलाने का है, हम लोगों ने राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ी भावना को क्रांतिकारी स्वरूप देने का प्रयास किया है।

Comments

Post new comment

  • Web page addresses and e-mail addresses turn into links automatically.
  • Allowed HTML tags: <a> <em> <strong> <cite> <code> <ul> <ol> <li> <dl> <dt> <dd>
  • Lines and paragraphs break automatically.
  • Images can be added to this post.
  • You may use [inline:xx] tags to display uploaded files or images inline.

More information about formatting options