संस्‍कृति

Dr K L Verma


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छत्तीसगढ़ी का मानकीकरण क्यों और कैसे? - प्रो. चित्तरंजन कर

प्रत्येक भाषा बोली व्यवहार में विविधरूपी या विषमरूपी होती है। जो भाषा जितने व्यापक क्षेत्र में व्यवहत होती है उस में उतनी ही अधिक विविधता होती है, संप्रेषण की दृष्टि से जो उसकी जीवंतता का प्रमाण है। यह उल्लेखनीय है कि भाषागत यह व  read more »

छत्तीसगढ़ी भासा : उपेच्छा अऊ अपेक्छा - नन्दकिशोर तिवारी

हमर ये समय ल, जेमा हम जीयत हन जमों ला भुला जाय (स्मृति भंग) के समय कहे जा रहे हे। ए समय के मझ म बइठ के मैं सोचत हंव के भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अपन आज ल हमर काल बर सौंपे के बात कहत रहिन तउन ह छत्तीसगढ़ के तात्कालीन साहित्यकार, मन  read more »

स्व. पं. सुन्दरलाल शर्मा के जन्म दिन को छत्तीसगढ़ी दिवस के रूप में मनाया जावे

आगामी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ी दिवस आयोजन की क्रियान्वयन समिति की बैठक विप्र सहकारी मुद्रणालय के सभा कक्ष में दिनांक 13 मार्च 2005 को श्री रामकुमार तिवारी, एडव्होकेट, बेमेतरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में श्री जागेश्वर प्रसाद (र  read more »

छत्तीसगढ़ी भासा राजभासा बनय

लोहार, छत्तीसगढ़ी साहित्य परिसद बिलासपुर के अगुवाई मं छत्तीसगढ़ी भासा ल छत्तीसगढ़ के राजभासा घोषित करे जावय... ए संकलप ल लेके छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक संस्था गोहार....30 मार्च 2006 के छत्तीसगढ़ी भासा दिवस के आयोजन करिस...  read more »

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