विविध

छत्तीसगढ़ी का मानकीकरण क्यों और कैसे? - प्रो. चित्तरंजन कर

प्रत्येक भाषा बोली व्यवहार में विविधरूपी या विषमरूपी होती है। जो भाषा जितने व्यापक क्षेत्र में व्यवहत होती है उस में उतनी ही अधिक विविधता होती है, संप्रेषण की दृष्टि से जो उसकी जीवंतता का प्रमाण है। यह उल्लेखनीय है कि भाषागत यह व  read more »

छत्तीसगढ़ में मची है जमीन की लूट - रामेश्वर वैष्णव

छत्तीसगढ़ का हर जागरूक व्यक्ति अब महसूस कर रहा है कि राज्य बनने के बाद हर तरह की अफरा-तफरी के साथ ही यहां कीमती जमीन की लूट मची है। संस्थानों के नाम पर, कारखानों के नाम पर, होटलों मोटलों एवं सरकारी महकमों के नाम पर भूमि पुत्रों से ऐन क  read more »

छत्तीसगढ़ी भासा : उपेच्छा अऊ अपेक्छा - नन्दकिशोर तिवारी

हमर ये समय ल, जेमा हम जीयत हन जमों ला भुला जाय (स्मृति भंग) के समय कहे जा रहे हे। ए समय के मझ म बइठ के मैं सोचत हंव के भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अपन आज ल हमर काल बर सौंपे के बात कहत रहिन तउन ह छत्तीसगढ़ के तात्कालीन साहित्यकार, मन  read more »

छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच ने निकाली रैली - लखनलाल विश्वकर्मा

छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच द्वारा छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बनाने के प्रचार-प्रसार एवं जन समर्थन के उद्देश्य से वाहन रैली एवं नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया।  read more »

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