| |
||||
|
|
प्रत्येक भाषा बोली व्यवहार में विविधरूपी या विषमरूपी होती है। जो भाषा जितने व्यापक क्षेत्र में व्यवहत होती है उस में उतनी ही अधिक विविधता होती है, संप्रेषण की दृष्टि से जो उसकी जीवंतता का प्रमाण है। यह उल्लेखनीय है कि भाषागत यह व read more »
छत्तीसगढ़ का हर जागरूक व्यक्ति अब महसूस कर रहा है कि राज्य बनने के बाद हर तरह की अफरा-तफरी के साथ ही यहां कीमती जमीन की लूट मची है। संस्थानों के नाम पर, कारखानों के नाम पर, होटलों मोटलों एवं सरकारी महकमों के नाम पर भूमि पुत्रों से ऐन क read more »
हमर ये समय ल, जेमा हम जीयत हन जमों ला भुला जाय (स्मृति भंग) के समय कहे जा रहे हे। ए समय के मझ म बइठ के मैं सोचत हंव के भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अपन आज ल हमर काल बर सौंपे के बात कहत रहिन तउन ह छत्तीसगढ़ के तात्कालीन साहित्यकार, मन read more »
छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच के प्रवक्ता श्री नंदकिशोर शुक्ला ने कहा कि कोई भी राज्य या सरकार ज्यादा दिनों तक जन भावनाओं को दबा नहीं सकती। छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा बनाना पड़ेगा। read more »
छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच द्वारा छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बनाने के प्रचार-प्रसार एवं जन समर्थन के उद्देश्य से वाहन रैली एवं नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। read more »
जउन बोली भाखा अपन महतारी के मुख ले बच्चा दूध पीयत खेलत, फूदकत लोरी कहिनी सुनथे-सीकते ओही ल मातृभासा कहे जाथे। भले आदमी कतका न भासा के जानकार विद्वान हो जाय फेर ओमन मातृभासा नइ हो सकय। भले ओमन रास्ट्रीय, अंतर्रास्ट्रीय, अंतर-प्रांत read more »
आगामी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ी दिवस आयोजन की क्रियान्वयन समिति की बैठक विप्र सहकारी मुद्रणालय के सभा कक्ष में दिनांक 13 मार्च 2005 को श्री रामकुमार तिवारी, एडव्होकेट, बेमेतरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में श्री जागेश्वर प्रसाद (र read more »
लोहार, छत्तीसगढ़ी साहित्य परिसद बिलासपुर के अगुवाई मं छत्तीसगढ़ी भासा ल छत्तीसगढ़ के राजभासा घोषित करे जावय... ए संकलप ल लेके छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक संस्था गोहार....30 मार्च 2006 के छत्तीसगढ़ी भासा दिवस के आयोजन करिस... read more »