प्रत्येक भाषा बोली व्यवहार में विविधरूपी या विषमरूपी होती है। जो भाषा जितने व्यापक क्षेत्र में व्यवहत होती है उस में उतनी ही अधिक विविधता होती है, संप्रेषण की दृष्टि से जो उसकी जीवंतता का प्रमाण है। यह उल्लेखनीय है कि भाषागत यह व read more »